रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा पिछले एक वर्ष से की जा रही तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को नियमानुसार संभाग एवं जिला स्तर पर स्थानांतरित करने की मांग की है। संघ का कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया विभागीय भर्ती नियमों के विपरीत है और भविष्य में कई तकनीकी विसंगतियां पैदा कर सकती है।
संघ के महामंत्री एस.पी. देवांगन के नेतृत्व में संयुक्त संचालक, संचालनालय , से भेट कर विस्तृत चर्चा किया प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आई.पी.एच.एस. मानदंडों के अनुसार स्टाफ नर्स एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। इससे मरीजों की देखभाल एवं चिकित्सकीय सेवाएं प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही हैं।
राज्य शासन ने इस समस्या के निराकरण हेतु स्टाफ नर्स की भर्ती की अनुमति दी है, लेकिन प्रक्रिया में अत्यधिक विलंब हो रहा है। संशोधित विभागीय भर्ती नियम 2019 के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों हेतु तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती/पदोन्नति का पूर्ण अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती/पदोन्नति का अधिकार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रदान किया गया है।

संघ ने अवगत कराया है कि वर्तमान में संचालनालय (मुख्यालय) स्तर से पिछले एक वर्ष से पूरे प्रदेश की संस्थाओं हेतु तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है, जो प्रचलित नियमों के अनुसार नहीं है। पहले तृतीय श्रेणी की भर्ती संभाग स्तर पर तथा चतुर्थ श्रेणी की भर्ती जिला स्तर पर होती थी। संघ को कई शिकायतें भी मिली हैं कि मुख्यालय स्तर पर भर्ती होने से भविष्य में पदोन्नति, वरिष्ठता, वेतनमान एवं अन्य प्रकरणों का निराकरण केवल संचालनालय स्तर से ही करना पड़ेगा, जो व्यावहारिक रूप से कठिन होगा।
संघ ने मांग किया है कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी (विशेषकर नर्सिंग एवं पैरामेडिकल सेवा,चतुर्थ श्रेणी) कर्मचारियों की भर्ती की समस्त कार्यवाही नियमों के पालन संभाग/जिला स्तर पर की जाए।
प्रतिनिधि मंडल में एस पी देवांगन महामंत्री, अरविंद चंद्राकर प्रांतीय सचिव,गौतम रात्रे प्रांतीय संयोजक नेत्र सहायक अधिकारी प्रकोष्ठ, एस एस सोनी प्रांतीय संरक्षक नेत्र सहायक अधिकारी प्रकोष्ठ, सालिक नौरंगे जिलाध्यक्ष रायपुर, लोमश कुर्रे,क्षितिज साहू, हेमंत देवांगन आदि शामिल थे