रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संरक्षक सलाहकार ओ पी शर्मा एवं प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय के निर्देशन में प्रांतीय महामंत्री एस.पी. देवांगन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त ग्रेड-3 लिपिक कर्मचारियों के हित में उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सामान्य आदेश जारी करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने श्री रजत बंसल (सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग-नियम), श्री अमित कटारिया (सचिव, स्वास्थ्य विभाग) तथा श्री संजीव झा (आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं) से भेंट की। बैठक में संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि 2013 से 2023 के बीच अनुकंपा नियुक्ति पर आए लिपिक कर्मचारियों को कंप्यूटर कौशल परीक्षा न पास करने के कारण वार्षिक वेतनवृद्धि, समसमय वेतनमान और पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। कई जगहों पर वेतन से वसूली भी की जा रही है, जबकि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने साफ आदेश दिए हैं कि परीक्षा आयोजित न होने की जिम्मेदारी विभाग की है, कर्मचारी की नहीं।

संघ ने WPS No. 9471 of 2023 तथा WPS No. 12525 of 2025 (दिनांक 06.10.2026) के आदेशों का हवाला देते हुए मांग की कि समस्त संबंधित कर्मचारियों के लिए एक सामान्य आदेश जारी किया जाए, ताकि हर कर्मचारी को अलग-अलग अदालत का दरवाजा न खटखटाना पड़े। साथ ही पूर्व में की गई वसूलियों को निरस्त करने और वार्षिक वेतनवृद्धि तुरंत लागू करने का भी आग्रह किया गया।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे:
कमल चंद्राकर (प्रांतीय संयोजक एमएलटी), हितेश निर्मलकर, तीरथ निषाद, हरिओम शर्मा, ललिता सोनकर, धनेश्वर पाल, दीप्ति वर्मा, देव प्रभा पटेल, मर्लिन जोस, विवेक देवांगन, नरेंद्र कुमार, अरविंद भारती, भूपेंद्र निर्मलकर, सुधांशु सैमुअल समेत अन्य पदाधिकारी।
महामंत्री एस.पी. देवांगन ने कहा कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विभागों में एकरूपता नहीं है। सामान्य आदेश जारी होने से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन पर अनावश्यक मुकदमेबाजी का बोझ भी कम होगा। संघ ने अधिकारियों से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।