रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी से सौजन्य भेंट की।
भेंट के दौरान संघ की ओर से कैशलेस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के वाहन चालकों के ग्रेड पे संशोधन के लिए माननीय मंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही निम्न दो महत्वपूर्ण ज्ञापन भी सौंपे गए:


बी.ई.ई.टी.ओ. पदों पर पदोन्नति हेतु
प्रदेश के लगभग 50 विकासखंडों में बी.ई.ई.टी.ओ. के रिक्त पदों पर पर्यवेक्षकों की पदोन्नति के संबंध में। नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत महिला एवं 50 प्रतिशत पुरुष पर्यवेक्षकों की पदोन्नति का प्रावधान है। योग्य महिला पर्यवेक्षकों की कमी के कारण कई विकासखंडों में पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में बाधा आ रही है। संघ ने अनुरोध किया कि योग्य महिला पर्यवेक्षकों के स्थान पर पदोन्नति नियमों में एक बार छूट देकर पुरुष पर्यवेक्षकों को भी बी.ई.ई.टी.ओ. पद पर पदोन्नत किया जाए, ताकि विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।


एम.एस.सी. नर्सिंग डिग्रीधारी स्टाफ नर्सों की प्रतिनियुक्ति / पदोन्नति हेतु
संचालनालय चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अधीन कार्यरत स्टाफ नर्स जो विभागीय अनुमति से उच्च अध्ययन कर एम एस सी डिग्री प्राप्त किए है को संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत नर्सिंग महाविद्यालयों में नर्सिंग प्रदर्शक (डेमॉन्स्ट्रेटर) पद पर पदोन्नति दिए जाने के संबंध में विस्तृत चर्चा कर ज्ञापन सौंपा गया ,संघ ने भारतीय उपचर्या परिषद के मानदंडों एवं प्रदेश में नर्सिंग प्रदर्शक पदों की उपलब्धता का हवाला देते हुए एम.एस.सी. नर्सिंग डिग्रीधारी स्टाफ नर्सों को प्राथमिकता दिए जाने से नर्सिंग महाविद्यालयों में शिक्षकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित होगा एवं शासन को वित्तीय क्षति भी नहीं होगा, अवगत कराया कराया गया।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे — एस.पी. देवांगन (महामंत्री), श्यामाकांत तिवारी (संभागीय अध्यक्ष, अंबिकापुर), सालिक नौरंगे (जिलाध्यक्ष), कमल चंद्राकर (प्रांतीय संयोजक, एमएलटी प्रकोष्ठ), सुभाष सहारे (संगठन सचिव), स्वतंत्र सोनी (विभागीय अध्यक्ष, संभागीय संयुक्त संचालक) टी के देशलहरे एवं मनोज माण्डले आदि।
संघ ने आशा व्यक्त की कि माननीय मंत्री जी द्वारा इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया गया है, इससे स्वास्थ्य कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

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