छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की मांग: संभाग व जिला स्तर के पदों को राज्य स्तर पर स्थानांतरण की अनुमति दी जाए
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव से मुलाकात कर वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति में संशोधन की मांग की है। संघ ने मांग की है कि संभाग व जिला स्तर के पदों (फार्मासिस्ट, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, ड्रेसर,सहायक ग्रेड03 आदि) को भी राज्य स्तर पर स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण की सुविधा बहाल की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 2025 के पूर्व की स्थानांतरण नीतियों में लगभग 24 वर्षों तक इस प्रावधान को शामिल किया गया था, जिसके तहत कर्मचारी स्वयं के खर्च पर स्थानांतरण करा सकते थे। हालांकि, 2025 की नई नीति में इस बात का उल्लेख न होने के कारण लगभग 16,000 स्वास्थ्य कर्मचारी इस सुविधा से वंचित हो गए हैं।
संघ के संरक्षक सलाहकार ओ.पी. शर्मा और प्रांताध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि कर्मचारी अपने गृह जिले में जाना चाहते हैं तो उन्हें स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण की अनुमति दी जाए। संघ ने इस मांग को उचित ठहराते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्यों में महामंत्री एस.पी. देवांगन, जिलाध्यक्ष सालिक नौरंगे, जिला संरक्षक एस.एस. सोनी, संभागीय अध्यक्ष संतोष देवांगन, अरविंद चंद्राकर, कमल चंद्राकर, दुर्गेश त्रिपाठी (संभागीय अध्यक्ष अंबिकापुर) आदि शामिल थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर गौर करने का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र नीति में संशोधन नहीं किया गया तो वे आगे संघर्ष की तैयारी में हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का मानना है कि यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के हित में होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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