​केंद्र के समान वेतनमान और ‘आधार बेस्ड अटेंडेंस’ से छूट सहित विभिन्न मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा।
अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पड़े 10 हजार पदों को जल्द भरने की मांग।

​रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संघ के संरक्षक ओ.पी. शर्मा एवं प्रांतीय अध्यक्ष अनिल पांडेय के नेतृत्व में सचिव स्वास्थ्य एवं पारिकल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन, श्री अमित कटारिया से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।
​प्रमुख मांगें जिन पर ध्यानाकर्षण किया गया:

​चिकित्सा शिक्षकों की वरिष्ठता सूची व पदोन्नति की जांच :-
चिकित्सा शिक्षा विभाग में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय कार्यपरिषद् द्वारा नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों को अवैध रूप से वरिष्ठता सूची में शामिल करने और उनके प्रमोशन की जांच कराने तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से चयनित पात्र चिकित्सा शिक्षकों को ही पदोन्नति देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

​वेतनमान और विसंगतियां: कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतनमान देने तथा वित्त विभाग में लंबित वेतन विसंगति को दूर कर प्रस्तावित वेतनमान लागू करने की मांग की गई।

​उपस्थिति में छूट: स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन और अनिवार्य सेवाओं को देखते हुए इसे ‘आधार बेस्ड अटेंडेंस’ (Aadhaar Based Attendance) से छूट देने का आग्रह किया गया।

​रिक्त पदों पर भर्ती व
नियमितीकरण: स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रिक्त पड़े लगभग 10 हजार विभिन्न संवर्ग के पदों को शीघ्र भरने तथा विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित भर्ती में छूट देने व संविलियन के लिए नियम बनाने की मांग रखी गई। इसके साथ ही सीधी भर्ती में इन्हें 50% आरक्षण देने की बात कही गई।

अन्य वर्ग के कर्मचारियों के तरह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी 2 वर्ष का अध्ययन अवकाश स्वीकृति कर अध्ययन करने की अनुमती देने एवं बहुउद्देशीय स्वास्थ्य के प्रशिक्षण केंद्रों को चालू करने का निवेदन किया गया

​कार्यप्रणाली और भत्ते: ओपीडी (OPD) के समय को एक पाली (सिंगल शिफ्ट) करने तथा कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल भत्ता व शासकीय आवास की व्यवस्था करने की मांग की गई।

​पदनाम परिवर्तन और पदोन्नति: स्टाफ नर्स का पदनाम परिवर्तन कर ‘नर्सिंग ऑफिसर’ करने की घोषणा के अनुरूप तत्काल आदेश प्रसारित करने, पर्यवेक्षक, ड्रेसर व चतुर्थ श्रेणी संवर्ग का पदनाम बदलने तथा बीईटीओ, नर्सिंग सिस्टर व स्टाफ नर्स की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की गई।

​पदोन्नति चैनल व अन्य मुद्दे: एकल पदों (जैसे- नेत्र सहायक अधिकारी, एमएलटी, रेडियोग्राफर) के लिए पदोन्नति चैनल बनाने व कोर्स उन्नयन करने,
दंत चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नवीनीकरण करते हुए वेतन भुगतान करने तथा डीकेएस हॉस्पिटल के दैनिक वेतन/संविदा कर्मचारियों को श्रम निधि निरंतर प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
​स्वास्थ्य सचिव श्री कमित कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना और संगठन की उचित मांगों पर नियमानुसार सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।
​इस गरिमामयी मुलाकात के अवसर पर संघ के संरक्षक व सलाहकार ओ.पी. शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष अनिल पांडेय, महामंत्री एस.पी. देवागन, जिला संरक्षक एस एस सोनी, जिलाध्यक्ष रायपुर सालिक नौरंगे, जिलाध्यक्ष बलौदाबाजार दुर्गेश बंजारे, सरगुजा संभागीय सचिव दुर्गेश त्रिपाठी, प्रांतीय संयोजक नेत्र प्रकोष्ठ गौतम रात्रे, प्रांतीय संयोजक (एमएलटी) अमृत लाल निषाद, प्रांतीय संयोजक रेडियोग्राफर संतोष देवांगन, प्रांतीय सदस्य अरविन्द चंद्राकर, अभनपुर ब्लॉक अध्यक्ष कमल चंद्राकर सहित संघ के अन्य प्रमुख पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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