ना केवल सभी संवर्गों के स्वास्थ्य कर्मचारी बल्कि चिकित्सा तंत्र का अंतिम आश्रयदाता चिकित्सक, जिन्हें दूसरा ईश्वर भी कहा जाता है, भी वेतन विसंगति को लेकर शासन से असंतुष्ट है । शासकीय चिकित्सक समष्टि के हितसाधक डॉ गोकुल सरकार का कहना है कि शासकीय चिकित्सकों को प्रदेश शासन में मेडिकल अफसर के पदनाम को सुशोभित कर उपयुक्त गरिमा प्रदान करना पड़ता है। मेडिकल अफसर भी राजपत्रित अधिकारी होते हैं। डॉ सरकार के अनुसार अन्य विभाग के उक्त श्रेणी के अधिकारियों को सेवाकाल में आसानी से रुपए ८७०० अक्षरी आठ हजार सात सौ, का ग्रेड पे मिल जाता है, पर मेडिकल अफसरों को चोबीस साल लंबी सेवा उपरांत भी कथित ग्रेड पे से वंचित होना पड़ रहा है। यह चिकित्सकों के प्रति संवेदनहीनता है और नव उदितों को शासकीय चिकत्सा सेवा से विमुख करता है।