तथाकथित कर्मचारी नेता द्वारा पामगढ के दो बेरोजगार युवको से 4 लाख नौकरी लगाने के नाम से लिया गया था , लेकिन नौकरी न लगने पर पैसे वापस करने हेतु नेता से संपर्क किया तो टाल-मटोल करने लगा एवं तरह-तरह का बाते बनाते हुए घुमाते रहे, जिससे क्षुब्ध होकर पुलिस थाना पामगढ मे एवं अपराध अन्वेषन ब्युरो पुलिस सेल रायपुर मे शिकायत किया गया जिसमे साक्ष्य एवं गवाहो के ब्यान कर अपराध भ.द.स. की धारा 420 के तहत होना पाया गया पर कोई कार्यवाही नही किया गया।

परिवादी द्वारा डब्लू.पी.सी.आर.34/2021 माननीय उच्च न्यायालय बिलसापुर मे प्रस्तुत किया 21.01.2021 को 34/2021 मे निर्देष दिया गया कि परिवादी सेक्शन 156(3) द.प्र.स. या सेक्शन 200 द.प्र.स. के तहत परिवाद विधि अनुसार प्रस्तुत किये जाने बाबत् आदेश दिया गया, जिसके परिपालन मे प्रथम न्यायायिक मजिस्ट्रेट व्यवहार न्यायालय मे परिवाद दायर हुआ जिसमे साक्षयो के अधार पर प्रथम श्रेणी पामगढ के सुनवाई के कार्यक्षेत्राधिकार का होने के कारण तथाकथित नेता के विरूद्ध भा.द.स.की धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। एवं गिरफ्तार करते हुए 10 हजार के सक्षम जमानत एवं उतनी सक्षम राशि स्वंय के मुचलका पर यह शर्त पर जमानत मे रिहा किया गया कि होने वाली पेशीयो मे उपस्थित रहेंगें। चूकि परिवादी के तरफ से साक्षयो का गवाही पूर्ण हो चूकी है , जिसकी लेकिन आरोपी का अगला पेशी दिनांक 17.11.2025 को नियत की गई है। मार्च अंतिम तक इस केस का फैसला आने का संभावना है। ऐसे आरोपी बिंदास को निलंबित होना चाहिए था , लेकिन अपने शासकीय कार्य को छोडकर बिंदास होकर प्रदेश मे खुले आम घूम रहे, इनके कृत्यो की जानकारी शासन प्रशासन को नही है।