छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ वर्तमान प्रदेश शासन के स्टेपेंड नियम, जो स्वास्थ्य कर्मचारियों, पर लागू है, से अनसंतुष्ट है।

संघ के प्रांताध्यक्ष श्री आलोक मिश्रा ने उक्त विषय पर बताया कि शासकीय स्वास्थ्य सेवा में नवनियुक्त चिकित्सकों को प्रथम माह से ही उनको देय पूरा वेतन मिलता है, जबकि नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मचारियों, जो तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की श्रेणी में आते है, के लिए लंबी तीन साल की स्टाइपेंड नियम है।

उक्त तीन वर्ष स्वास्थ्य कर्मचारियों की परिविक्षा अवधि मानी जाती हैं, जो पूर्ववर्ती शासन काल में दो साल थी। इन तीन वर्षों में स्वास्थ्य कर्मचारियों को पहले अपनी वेतन का ७५ प्रतिशत और बाद में बढ़ते क्रम में स्टाइपेंड दिया जाता है। संघ ने उक्त स्टीपेंड प्रथा को समाप्त कर चिकित्सकों की भांति स्वास्थ्य कर्मचारियों को ज्वाइनिंग से ही पूर्ण वेतन प्रदाय किए जाने की मांग की है।

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