
रायपुर :- स्वास्थ्य विभाग के संलग्नीकरण से जिले के अधिकांश स्वास्थ्य संस्थाओ के कार्य पर प्रीतिकूल असर देखने को मिल रहा है, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ मिथलेश चौधरी ने शासन के आदेश का पालन करते हुए व्यवस्था बनाते हुए संलग्नीकरण किये गए नियमित एवं संविदा के लगभग 300 से अधिक अधिकारी कर्मचारीयों को उनके मूल पदस्थापना स्थान के लिए तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर दिया गया , जिससे बहुत सारे स्वास्थ्य केंद्र मे अधिकारी कर्मचारी की सीधा कमी देखने को मिल रहा है, शासन से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री एस.पी देवांगन एवं जिलाध्यक्ष रायपुर एस.आर नौरंगे ने बताया की शासन को संलग्नीकरण समाप्त करने के पूर्व स्वास्थ्य संस्थानो के मानव संसाधन उपलब्धता की जानकारी संस्था प्रमुखो से लेना चाहिए था, आनन- फानन मे सभी कर्मचारीयों को डिटैच कर दिया गया जिससे कई स्वास्थ्य केंद्र मे अधिकारी- कर्मचारी की भारी कमी देखने को मिल रहा है जैसे- राजधानी के आयुर्वेद हॉस्पिटल के लगभग कर्मचारी अटैच पर कार्यरत थे इसी तरह सिविल अस्पताल माना जिसको 150 बिस्तर प्रांतीय नेत्र संस्थान बनाया गया जहाँ राज्य स्तरीय नेत्र ऑपरेशन किया जाता है बड़ी संख्या मे स्टॉफ नर्स एवं नेत्र सहायक अधिकारी जो ऑपरेशन मे कार्य कर रहे थे को डिटेच कर दिया गया,जिसमे ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है, जिला अस्पताल मे भी यही हालत है, इसके साथ ही बहुत से ऐसे स्वास्थ्य केंद्र ऐसे है जो सिर्फ कागज पर दर्ज़ है भवन विहीन होने के कारण पदस्थ कर्मचारी को अन्य स्वास्थ्य केन्द्रो मे सेवा लिया जा रहा था को डिटेच कर दिया गया अब ऐसे कर्मचारी अधर मे लटके हुए है ज्वाइन कहाँ करें भवन ही नहीं है बीना काम किये वेतन लें रहे है . रायपुर जिला के चारो ब्लॉक के खंड चिकित्सा अधिकारीयों एवं बड़ी संख्या मे जिला नोडल अधिकारीयों को भी डिटेच कर दिया गया जिला अस्पताल के भी डॉक्टर्स को डिटेच किया गया जिससे अब बड़ी प्रशासनिक संकट स्थिति निर्मित हो गई है ब्लॉक एवं जिला स्तर पर विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है, संघ पदाधिकारीयों ने शासन प्रसाशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथलेश चौधरी से मांग किया की संलग्नीकरण समाप्ति के पहले बड़ी संख्या मे रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए था, ज़ब तक रिक्त पदों को भरा नहीं जाता तब तक जिले के स्वास्थ्य संस्थानाओ के प्रभारीयों से स्वास्थ्य केंद्रो के मानव संसाधन की आवश्यकता की जानकारी पहले लेना चाहिए था फिर अतिरिक्त अधिकारी कर्मचारीयो का संलग्नीकरण समाप्त किया जाना चाहिए था, ताकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित न हो और सुचारु संचालन के साथ आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके…