ज्ञात हो की छ. ग.प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अथक प्रयास से वेतनमान का प्रस्ताव शासन की ओर प्रेषित है का लागू करवाने के लिए संघ ने 2022 मे अनिश्चितकालीन हडताल किया था, हडताल के तीसरे दिन संघ के प्रतिनिधी मंडल को वार्ता हेतु बुलाकर माननीया मनिंदर कौर त्रिवेदी तत्कालीन सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने चर्चा करते हुए प्रस्ताव को वित्त विभाग की ओर प्रेषित की थी जो कि शासन स्तर पर वित्त विभाग मे लंबित है।
जो प्रस्ताव शासन मे लंबित है , तत्कालीन मुख्य सचिव छ ग शासन से भी विस्तार से चर्चा हुआ था, वो भी पूर्णतः सहमत थे ।
यह वेतनमान छठवाॅ वेतनमान से मिलना था परन्तु सातवाॅ वेतनमान भी निकल गया एवं आठवा वेतनमान भी आने वाला है , यदि आज के स्थिति मे यह वेतनमान लागू किया जाता है तो वेतनामान विसंगति और भी बढ जायेगी एवं तीन वेतनमान पुनः पीछे हो जायेगें।
कुछ अज्ञानी स्वार्थी एवं अति महात्वाकांक्षी नेता स्वास्थ्य कर्मियो को गुमराह कर पिंगुवा समिति मे स्वास्थ्य कर्मचारियो के वेतन विसंगति का हवाला देकर आंदोलन मे पिछलग्गु बन कर जाने के लिए दबाब बनाना रहे है जो इस प्रकार के प्रयास किया जा रहा है उनसे स्वास्थ्य कर्मी पूछे कि आप लोग पिंगवा समिति मे क्या प्रस्ताव कर्मचारी हित मे दिये है सार्वजनिक करे तब इन स्वार्थी नेताओं की हकीकत सामने आयेगा ये स्वार्थी तत्व अपरोक्ष रूप से किस को लाभ पहुंचाना चाहते है जितना मेहनत इस आंदोलन को सफल बनाने मे कर रहे है ये अपरोक्ष रूप से अपने स्वास्थ्य कर्मचारी भाई बहन के मांगों का विरोध कर रहे जो सचिव स्तरीय समिति मे अनुसंसित है ,ऐसे स्वार्थी नेताओं से सावधान रहने की आवश्यकता है स्वास्थ्य कर्मचारी हित मे संदेश है
छत्तीसगढ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हमेशा समस्त संवर्ग के कर्मचारियो को लेकर आगे बढा है एवं बढता रहेगा, सभी संवर्ग के हितो मे संघ ने प्रस्ताव भिजवाया है एवं छठवां वेतनमान मे लागू करने के लिए सतत् प्रयासरत है।