मरीज हलाकान फिर भी शासन मौन, संघ ने की कड़ी निंदा
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा किये जा रहे अनिश्चितकालीन आन्दोलन आज चौथे दिन भी जारी रहा l कल स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से स्वास्थ्य मंत्री जी टी.एस. सिंह देव से उनके निवास पर चर्चा से कोई परिणाम नहीं निकला था l माननीय मंत्री जी के नकारात्मक रुख से प्रतिनिधिमंडल में भारी नाराजगी छा गयी जिसका परिणाम यह हुआ है कि स्वास्थ्य कर्मियों में एक नए आक्रोश को भर दिया जिससे निर्णय लिया गया है कि आन्दोलन को और अधिक तेज किया जायेगा तथा इमरजेंसी सेवाओं को भी बाधित करने पर विचार किया जायेगा तथा आन्दोलन तेज करने के लिए अन्य संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा है l

आज माननीय प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास के कारण तुता धरना स्थल में अनुमति नहीं थी, इसलिए कर्मचारी संघ कार्यालय में एकत्रित होकर सभा किये और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सामने एकत्रित होकर नारेबाजी की गयी और जमकर भड़ास निकाली गयी है l
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रांताध्यक्ष आलोक मिश्रा एवं महामंत्री अश्वनी गुर्देकर ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की बेमुद्दत हड़ताल होने तथा स्वास्थ्य सेवायें चरमरा जाने पर भी और इमरजेंसी सेवाओं को बंद करने के विकल्प पर भी सोचा जा रहा है l प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, सभी अनियमित (NHM संविदा, दैनिक वेतन, DMF, जेडीएस) कर्मचारियों को नियमित करने, अस्पतालों की OPD को सिर्फ एक पाली में सिर्फ 8-2 करने, स्वास्थ्य कर्मियों को 1 वर्ष में 13 माह का वेतन देने सहित 24 सूत्रीय मांगों को लेकर 4 जुलाई से अनिश्चित कालीन आन्दोलन रत हैं l गैरतलब है कि संघ की दिनांक 26.06.2023 को स्वास्थ्य सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी (भा.प्र.से.) से दिनांक 30.06.2023 को चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद (भा.प्र.से.) से तथा दिनांक 06.07.2023 को स्वास्थ्य मंत्री जी से चर्चा हुई है किन्तु इस हड़ताल से जनता को भारी दिक्कत होने के उपरांत भी किसी ने भी संवेदन शीलता नहीं दिखाई और न ही कोई सकारात्मक जवाब दिया है इससे आन्दोलन रत कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है l शासन के इस नकारात्मक रवैये की छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वस्थ्य कर्मचारी संघ केसंरक्षक श्री ओ.पी. शर्मा श्री प्रदीप बोगी, रविन्द्र तिवारी, बी के. शुक्ला, पी.सी. जेम्स, अजय नायक, सतीश पसेरिया, एस पी देवांगन, एस एस सोनी, बी. एल वर्मा, राजेंद्र यादव, इमरान मिर्ज़ा, सुमित दुबे, संध्या मोवले, संतोष गिरी, प्रफुल्ल पॉल, सुनैना सिंह, विकाश यादव, एस आर नवरंगे, लक्ष्मी पांडे, जौली थॉमस, संतोष देवांगन, अनिल कुमार गढ़ेवाल एवं अन्य ने कड़ी निंदा की है l
