हड्डियों की मजबूती और दर्द की वजह का पता लगाने के लिए बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट की जाती है l हड्डियों और जोड़ों का दर्द आज के दौर में एक आम बात हो गयी है, जो उम्र दराज ही नहीं युवाओं में भी ऐसे दर्द होतें हैं l इस टेस्ट के जरिये डेक्सा मशीन की मदद से हड्डियों के घनत्व यानी डेंसिटी को परखा जाता है साथ ही हड्डियों की कमजोरी की वजह का पता लगाया जाता है इस टेस्ट के जरिये हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती हैl इस टेस्ट के जरिये ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों को कमजोर करने वाली बीमारी का पता भी लगाया जा सकता हैl बीएमडी टेस्ट को करवाने की जरूरत खासतौर पर पचास वर्ष से ज्यादा उम्र वाले लोगों, मेनोपॉज होने के बाद महिलाओं को, कम उम्र में यूट्रेस निकलवा चुकी महिलाओं को हैl लेकिन जिन लोगों की हड्डियों में अक्सर दर्द रहता है, जल्दी थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है, वो लोग भी इस टेस्ट को करवा सकते हैं. डॉक्टर इस टेस्ट को करवाने की सलाह मेटाबॉलिक बोन डिजीज के रोगी के लिए भी देते हैंl बीएमडी एक दर्द रहित टेस्ट है जिसमें लगभग बीस-पच्चीस मिनट का समय लगता है. इस टेस्ट को करवाने के लिए किसी भी तरह के परहेज की जरूरत नहीं होती है. लेकिन इस टेस्ट को डॉक्टर की सलाह पर ही करवाना उचित होता है. साथ ही गर्भवती महिलाओं को अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी भी जांच से पहले बतानी होती है, जिससे डेक्सा मशीन से निकलने वाले रेडिएशन के हानिकारक साइड इफेक्ट्स से उनको बचाया जा सके.
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