भारत देश, जिसने केवल ‘सेवा’ नहीं बल्कि ‘शिवज्ञान में जीव सेवा’, अर्थात केवल मात्र दया दृष्टि से पीड़ित मानवता की सेवा नहीं; शिव समझ कर जीव की सेवा  करिए, बतानेवाला देश, आज मौन होकर मूलतः विदेश से आयातित ‘International Nurses Day’ का हिंदी रूपांतरण अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस का साक्षी हो रहा हैl

ज्ञात हो भारत वो देश है जिसने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’, अर्थात केवल मात्र मनुष्य ही नहीं, बल्कि इस श्रृष्टि की हर कृष्टि एक दुसरे से आपस में एक परिवार की तरह जुड़े, का एहसास किया और आज भी करवाने के लिए एक टिमटिमाते दीपक की तरह है- पर है ! अच्छी सोच और परम्पराएँ भले ही भिन्न स्रोत से हों और सतही दृष्टिकोण से अलग-पृथक दिखते हों, पर एक ही इश्वर ही हैं सभी के मूल आधार बिंदुl

भारतीय शिक्षा को आज भी बोरे-बासी खाकर चरितार्थ करनेवाला अग्रणी प्रदेश –छत्तीसगढ़ भी  अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर विदेशी आवरण में प्रदेश की मानव सेवी संस्कृति को ही रेखांकित कियाl  इस प्रदेश में शासकीय अस्पतालों में कार्यरत नर्सेज वंचित होकर भी अपनी निरलस सेवा में कोई विराम नहीं लगने दीl इन नर्सों की हितसाधक संस्था, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वस्थ्य कर्मचारी संघ अपने अंतर्भुक्त सभी नर्सेज को आज के दिवस की बधाई देते हुए उन्हें ‘भारतीय’ नर्स बने रहने की प्रेरणा दी, और उनके मांगों की वकालत करने का आश्वासन दियाl

संघ ने आज के अवसर पर कहा की समाज से आकर अस्पताल में भर्ती हुए रोगी और उसके परिजनों को नर्सेज को संबोधन करनेवाला शब्द ‘सिस्टर’ केवल जिव्हा में नहीं, बल्कि अंतर्मन से प्रतिष्ठा चाहिएl संघ यह मानती है की केवल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक श्रंखला में बद्ध सभी स्वास्थ्य कर्मियों को एक ‘दूसरा’ इश्वर मानना चाहिएl  स्वास्थ्य कर्मियों को कभी भी धन-दौलत, भोग-विलासिता की साधन सम्पन्नता के प्रचलित मापदंडों में नहीं आंकना चाहिएl

संघ ने प्रदेश की नर्सेज की मांगों को दुहराते हुए कहा की स्टाफ नर्सेज की पूर्वानुसार ३-४ अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ जारी रखना चाहिएl शासन स्तर पर इससे सम्बंधित आदेश निरस्त नहीं हुए हैंl केंद्र शासन की भाँती स्टाफ नर्स को नर्सिंग अधिकारी / वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी पदनामित किया जायl        

संघ का मानना है की नर्सिंग संवर्ग की मांगों को मानकर, वेतन-विसंगतियों को समाप्त कर ही अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस को उसकी मूल भावना के साथ मनाया जा सकता है l

हर साल 12 मई को इंटरनेशनल नर्सेस डे मनाया जाता है. यह दिन मॉडर्न नर्सिंग की जन्मदाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सम्मान में उनकी जयंती पर सेलिब्रेट किया जाता है. संघ ने उन्हें सम्मानपूर्वक याद कियाl

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