राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तरप्रदेश का 20 अप्रैल को लखनऊ में इंडियन पब्लिक सर्विस एम्पलाइज फेडरेशन (इफ्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सम्मेलन में केंद्र सरकार द्वारा विगत लोकसभा सत्र में पारित वित्त विधेयक 2025 के अंतर्गत सिविल सेवा पेंशन नियम के तहत पेंशन के अधिकार सीमित करने तथा आठवें वेतन आयोग के लाभ से पेंशनरों को वंचित करने के नियम का इफ्सेफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध करेगा।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ से सम्मिलित इफ्सेफ के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओ पी शर्मा ने संयुक बयान जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार तथा छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार कर्मचारियों एवं पेंशनरों के प्रति उदार नहीं है केंद्र सरकार ने दिल्ली के विधान सभा चुनाव को देखते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी किंतु सरकार वेतन आयोग के लिए गंभीर नहीं है आज पर्यंत आयोग अध्यक्ष सहित सदस्यों की नियुक्ति एवं उसके कार्यकाल की समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है जबकि 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग लागू किया जाना है।छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार राज्य के पेंशनरों को मंहगाई राहत के 3 प्रतिशत किस्त आज पर्यंत नहीं देकर पेंशनरों को अनदेखी कर रही है। मोदी की गारंटी के बाद भी राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान मंहगाई भत्ता नहीं देकर वादा खिलापी कर रही है। मोदी सरकार एक निशान एक विधान की बात करती है किंतु राष्ट्रीय स्तर पर एक वेतनमान के फार्मूले क्यों नहीं लागू करती है। इफ्सेफ के राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक आगामी जून में आयोजित कर केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों तथा लोक सभा में पारित वित्त विधेयक का विरोध करने का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा

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